
पिछले कुछ दिनों से लोगों के मोबाइल फोन्स में कई बार एक सायरन जैसी तेज़ आवाज़ के साथ चेतावनी एलर्ट्स आ रहे हैं जो ज़्यादातर मौसम से संबंधित चेतावनी हैं इसीलिए लोगों के मन में एक डर पैदा हो गया है कि आख़िर ये सायरन एलर्ट्स है क्या, कहीं मौसम से जुड़ा कोई बहुत बड़ा ख़तरा तो नहीं आने वाला, इन अलर्ट्स का असली मतलब क्या है और ये एलर्ट्स आ क्यों रहे हैं ये सब सवाल अभी लोगों के दिमाग़ में घूम रहे हैं।
सायरन एलर्ट्स क्यों आ रहे हैं?
ये सायरन अलर्ट्स और कुछ नहीं बल्कि एक सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम के ज़रिए भेजे जा रहे हैं जो बस आने वाली आपदावों से सचेत करता है। इस सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सस्टेम को 2 मई 2026 को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा आधिकारिक तोर पर राष्ट्रीय लॉंच किया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA – National Disaster Management Authority) और दूसंचार विभाग (DoT – Dipartament of Telecommunications) ये दोनों विभाग मिलकर इस मैसेजिंग प्रणाली को भारत में लाये जिससे अगर भविष्य में कोई भूकंप, तूफ़ान, लू या बाढ़ जैसी आपदा आए तो इस सिस्टम के ज़रिए कम समय में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को सचेत किया जा सके।
भारत में पहली बार सेल ब्रॉडकास्ट मैसेजिंग की शुरुआत 2023 में ही देखा गया था जब राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) इस Emergency Alert System की टेस्टिंग कर रहे थे जहां लोगों के फ़ोन पर पहली बार टेस्ट एलर्ट्स भेजे गए। तब जो एलर्ट्स भेजे जा रहे थे वो सिर्फ़ इस सिस्टम की टेस्टिंग के लिए भेजे टेस्ट अलर्ट्स थे जिससे भविष्य में कुछ बड़ी आपदावों के बारे में कम समय में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को सचेत किया जा सके बिना किसी समस्या के और जो टेस्टिंग के लिए मैसेज या सायरन अलर्ट्स आ रहे थे उनमें No Action Required का विकल्प भी होता था।
मगर अब जो सायरन अलर्ट्स आ रहे हैं ये हो सकता है कि सच में कोई Severe Alert या Emergency Alert हो क्योंकि कई जगहों पर मौसम बहुत ज़्यादा तेज़ी से बिगड़ने की संभावना देखी जा रही है जैसे कि कहीं तेज़ बारिश हो रही है तो कहीं-कहीं बड़े तूफ़ान आ रहे हैं और कहीं कुछ ज़्यादा ही लू पड़ रही है इसीलिए हो सकता है सरकार इस सिस्टम की चेकिंग के लिए मौसम विभाग द्वारा ये वार्निंग्स भेजी जा रही हो जिससे अगर अचानक मौसम बिगड़े या कहीं बड़े तूफ़ान देखने को मिले या फिर कहीं कुछ ज़्यादा ही लू पड़ने संभावना दिखाई दे तो तुरंत इस सिस्टम के ज़रिए लोगों को सावधान (Alert) कर दिया जाये जिससे लोग जागरूक और सचेत हो सकें।
सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम काम कैसे करता है?
सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम मोबाइल नेटवर्क के जरिए काम करता है। जब कोई आपातकालीन चेतावनी जारी करनी होती है, तो संबंधित सरकारी एजेंसी सबसे पहले अलर्ट संदेश तैयार करती है। इसके बाद यह संदेश मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों को भेजा जाता है, जो इसे अपने मोबाइल टावरों के माध्यम से प्रसारित करते हैं। जैसे ही कोई टावर अलर्ट प्रसारित करता है, उसके कवरेज क्षेत्र में मौजूद सभी समर्थित मोबाइल फोनों पर यह संदेश एक साथ दिखाई देने लगता है। चूंकि यह तकनीक किसी खास मोबाइल नंबर पर निर्भर नहीं करती, इसलिए लाखों लोगों तक एक ही समय में चेतावनी पहुंचाई जा सकती है। यही वजह है कि सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम को प्राकृतिक आपदाओं, खराब मौसम और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को तुरंत सतर्क करने के लिए सबसे प्रभावी तरीकों में से एक माना जाता है।




