
CJP Protest के दौरान एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला जिसने सोशल मीडिया पर हजारों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक वायरल वीडियो में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी और भारतीय वायुसेना (Air Force) से सेवानिवृत्त एक पूर्व सैनिक अपने बेटे की मौत के मामले में न्याय की गुहार लगाते दिखाई देते हैं। वीडियो में वह दावा करते हैं कि उनके बेटे की मौत को सड़क दुर्घटना बताया जा रहा है, जबकि उनका आरोप है कि यह एक हत्या का मामला है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करते नजर आए।
पूर्व सैनिक ने बेटे की मौत को लेकर लगाए यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप
एक वायरल वीडियो में पूर्व सैनिक बताते हैं कि उनका बेटा 28 दिसंबर 2025 को घर से करीब 50 मीटर दूर दही लेने गया था। उनके अनुसार बेटा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था और पढ़ाई में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा था। पिता का कहना है कि लगभग 20 मिनट बाद उन्हें सूचना मिली कि उनका बेटा मृत अवस्था में मिला है।
वीडियो में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पिछले कई महीनों से न्याय के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाए। उनका आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास ऐसे कुछ साक्ष्य हैं जिनके आधार पर वह इसे सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या का मामला मानते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की आधिकारिक जांच एजेंसियों द्वारा जो निष्कर्ष निकाला जाएगा, वही अंतिम माना जाएगा।
CJP Protest के दौरान अभिजीत दीपके ने दिया समर्थन
वायरल वीडियो में CJP पार्टी निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके भी पूर्व सैनिक की पूरी बात सुनते दिखाई देते हैं। उन्होंने मंच से कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहेंगे और इस मामले को संबंधित मंचों तक उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जिसने वर्षों तक देश की सेवा की हो और आज अपने बेटे के लिए न्याय की मांग कर रहा हो, उसकी आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी नागरिक को निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने का अधिकार है।
अभिजीत दीपके ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाएंगे और पीड़ित परिवार का समर्थन करेंगे। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच होना बेहद जरूरी है, ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जा सके और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई। कई यूजर्स ने मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की, जबकि कुछ लोगों ने जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दी। फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों की आधिकारिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
CJP Protest के दौरान अभिजीत दीपके ने दिया समर्थन
वायरल वीडियो में सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके भी पूर्व सैनिक की पूरी बात ध्यान से सुनते दिखाई देते हैं। मंच से उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे और इस मामले को संबंधित मंचों तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जिसने वर्षों तक देश की सेवा की हो और कारगिल जैसे युद्ध में योगदान दिया हो, उसकी बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके अनुसार, यदि कोई परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है तो उसकी शिकायतों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना बेहद आवश्यक है।
अभिजीत दीपके ने यह भी कहा कि किसी भी मामले में सत्य सामने लाने का सबसे उचित तरीका निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया है। उनका मानना है कि यदि पीड़ित पक्ष के पास ऐसे सबूत या तथ्य हैं जिन्हें वह महत्वपूर्ण मानता है, तो संबंधित जांच एजेंसियों को उनका परीक्षण कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को सार्वजनिक स्तर पर उठाने में वह अपनी भूमिका निभाएंगे ताकि परिवार की आवाज अधिक लोगों तक पहुंच सके।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की, जबकि कुछ लोगों ने जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की सलाह दी। फिलहाल मामले का अंतिम सच संबंधित जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए इस घटना से जुड़े सभी दावों और आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के आधार पर ही मानी जाएगी।
निष्कर्ष
CJP Protest के दौरान सामने आया यह वीडियो एक पिता की पीड़ा और न्याय की मांग को सामने लाता है। वीडियो में लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन उनकी पुष्टि अभी आधिकारिक रूप से नहीं हुई है। ऐसे में इस मामले में अंतिम सच केवल जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सोशल मीडिया पर यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और कई लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
