
बरसात के मौसम में खेतों, बगीचों, नदियों के किनारे और ग्रामीण इलाकों में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में कई लोग अनजाने में सांप के संपर्क में आ जाते हैं और कुछ मामलों में सांप काट भी लेते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि सांप के काटने पर क्या करें, क्या घरेलू उपाय अपनाने चाहिए या तुरंत अस्पताल जाना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने के बाद घबराने की बजाय सही प्राथमिक उपचार और समय पर मेडिकल सहायता सबसे महत्वपूर्ण होती है। कई बार सांप जहरीला नहीं होता, लेकिन बिना जांच के इसका पता लगाना मुश्किल होता है। इसलिए हर स्नेक बाइट को गंभीरता से लेना चाहिए। आइए जानते हैं कि सांप के काटने के बाद क्या करना चाहिए, किन गलतियों से बचना चाहिए और अस्पताल में इलाज कैसे किया जाता है।
सांप के काटने पर सबसे पहले क्या करें?
अगर आपको लगता है कि किसी सांप ने काट लिया है, तो सबसे पहले शांत रहने की कोशिश करें। घबराने से दिल की धड़कन तेज हो सकती है, जिससे यदि शरीर में जहर पहुंचा है तो वह तेजी से फैल सकता है। मरीज को जितना संभव हो शांत रखें और अनावश्यक चलने-फिरने से बचाएं।
जहां सांप ने काटा है, उस स्थान को साफ पानी से हल्के हाथों से धो लें। यदि दो दांतों के निशान दिखाई दे रहे हैं या काटने का स्थान स्पष्ट है, तो उसे पहचान के लिए याद रखें या हल्का निशान बना लें ताकि डॉक्टर को जांच करने में आसानी हो।
इसके बाद बिना समय गंवाए मरीज को नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। रास्ते में किसी घरेलू उपचार या झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें। डॉक्टर मरीज की स्थिति, लक्षण और आवश्यक जांच के आधार पर तय करेंगे कि सांप जहरीला था या नहीं और आगे किस प्रकार का इलाज जरूरी है। जितनी जल्दी मरीज अस्पताल पहुंचेगा, सफल उपचार की संभावना उतनी ही बेहतर होगी।
सांप के काटने के बाद ये गलतियां बिल्कुल न करें
आज भी कई जगहों पर सांप के काटने के बाद घाव पर लाल मिर्च, हल्दी, मिट्टी, राख या अन्य घरेलू चीजें लगाने की सलाह दी जाती है। लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और सही इलाज में देरी होती है।
इसी तरह काटे गए स्थान के ऊपर या नीचे रस्सी, कपड़ा या पट्टी कसकर बांधना भी सही तरीका नहीं माना जाता। इससे रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है और ऊतकों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा घाव को काटने, चूसकर जहर निकालने या किसी नुकीली चीज से चीरा लगाने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए।
सबसे बड़ी गलती झाड़-फूंक या अंधविश्वास पर भरोसा करना है। कई बार व्यक्ति को गैर-ज़हरीले सांप ने काटा होता है, इसलिए वह बिना इलाज के भी ठीक हो जाता है। लेकिन यदि जहरीले सांप ने काटा हो तो अस्पताल पहुंचने में हुई देरी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए किसी भी स्थिति में केवल प्रशिक्षित डॉक्टर और अस्पताल पर ही भरोसा करें।
सांप के काटने के लक्षण क्या हो सकते हैं और अस्पताल में इलाज कैसे किया जाता है?
सांप के काटने के बाद लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। यह इस बात पर निर्भर करता है कि सांप जहरीला था या नहीं और यदि जहरीला था तो किस प्रकार का था। सामान्य तौर पर काटे गए स्थान पर दो दांतों के निशान, दर्द, लालिमा और सूजन दिखाई दे सकती है। कुछ लोगों को चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, उल्टी, धुंधला दिखाई देना, आंखों की पलकों का झुकना, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी जैसे गंभीर लक्षण भी विकसित हो सकते हैं।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर मरीज की जांच करते हैं और जरूरत पड़ने पर रक्त परीक्षण सहित अन्य जांच की जाती है। यदि डॉक्टरों को लगता है कि जहरीले सांप के काटने की संभावना है, तो मरीज की स्थिति के अनुसार Anti Snake Venom (ASV)दिया जा सकता है। इसके साथ ही मरीज की सांस, ब्लड प्रेशर और अन्य महत्वपूर्ण शारीरिक संकेतों की लगातार निगरानी की जाती है। गंभीर मामलों में ऑक्सीजन या वेंटिलेटर जैसी अतिरिक्त चिकित्सा सहायता की भी आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए समय पर अस्पताल पहुंचना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी कदम माना जाता है।
सांप के काटने पर क्या करें इसका सबसे सही जवाब यही है कि घबराने के बजाय शांत रहें, काटे गए स्थान को साफ रखें और बिना किसी देरी के नजदीकी अस्पताल पहुंचें। घरेलू नुस्खों, झाड़-फूंक या अप्रमाणित उपायों पर भरोसा करना आपकी जान को खतरे में डाल सकता है।
बरसात के मौसम में खेतों, झाड़ियों और पानी वाले इलाकों में काम करते समय सावधानी बरतें, रात में टॉर्च का इस्तेमाल करें और बच्चों को भी सांपों से दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक करें। सही समय पर लिया गया निर्णय और उचित चिकित्सा उपचार ही स्नेक बाइट जैसी आपात स्थिति में जीवन बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।
